प्रो मदनमोहन झा
संस्कृतमेव जीवनम्
रविवार, 3 सितंबर 2017
अलंकार
इसमें न केवल संस्कृत ही अपितु हिन्दी के भी
कतिपय अलंकार को समाहित कर समग्र अलंकार को ही प्रस्तुत कर रहा हूँ ।
कोई दोष रह जाए तो संशोधन किया जा सकता है ।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
नई पोस्ट
पुरानी पोस्ट
मुख्यपृष्ठ
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें